GHAZIABAD : अल्पसंख्यकों विशेषकर मुस्लिम समुदाय में अपनी पैठ बनाए रखने के लिए अखिलेश सरकार ने एक महत्वपूर्ण फैसला करते हुए विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत निर्धारित लक्ष्य का 20 प्रतिशत उनके लिए मात्राकृत कर दिया है। यह निर्णय प्रदेश के 30 विभागों की 85 योजनाओं पर लागू होगा। इस निर्णय का आधार सच्चर समिति की सिफारिशों को बताया गया।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने स्वयं इस निर्णय की पृष्ठभूमि की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अल्पसंख्यक समुदाय खासकर मुस्लिमों की सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षिक पिछड़ेपन को देखते हुए यह महसूस किया गया कि उन्हें भी अन्य वर्गो की तरह सभी प्रकार की सुविधायें ऐसे दी जाएं कि वे भी पिछड़ेपन से मुक्त होकर समाज की मुख्य धारा में आ सकें।
ज्ञातव्य है कि भारत सरकार द्वारा गठित सच्चर समिति के अनुसार देश की कुल आबादी में 22.7 प्रतिशत गरीब हैं। इनमें अल्पसंख्यक समुदाय विशेषकर मुस्लिमों की संख्या अधिक है।
मुसलमान अन्य वर्गो की तुलना में पिछड़े हैं और यह आंकड़ा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति से भी अधिक है। यह भी पाया गया कि शासकीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों का लाभ अल्पसंख्यक समुदाय विशेषकर मुस्लिमों को उनकी जनसंख्या के अनुपात में बहुत कम मात्रा में मिल रहा है। उनके लिये अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति की उन्नति के लिए चलाये जा रहे निश्चित कार्यक्रम के अनुसार कोई कार्यक्रम भी नहीं है। सच्चर समिति में यह संस्तुति भी की गयी है कि इस प्रकार की योजनायें बनायी जानी चाहिये जो अल्पसंख्यक समुदाय को समाज के अन्य वर्गो की बराबरी में ला सकें। राज्य की जनसंख्या में अल्पसंख्यकों की आबादी को देखते हुए इनके शैक्षिक, सामाजिक तथा आर्थिक उन्नति के बिना उत्तर प्रदेश का सर्वागीण विकास नहीं हो पायेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2001 की जनगणना के आधार पर उत्तर प्रदेश में अल्पसंख्यक आबादी 19.33 प्रतिशत है। देश में गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वालों में अल्पसंख्यकों की आबादी लगभग 25 प्रतिशत है। यह आवश्यक है कि अल्पसंख्यक समुदाय को सभी क्षेत्रों में उन्नति का समान अवसर देते हुये एक निश्चित योजना तैयार की जाय।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा चलायी जा रही विभिन्न योजनाओं में अल्पसंख्यकों को उनका वाजिब हक दिलाने के लिये उनकी जनसंख्या के आधार पर विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत लक्ष्यों का 20 प्रतिशत उनके लिये मात्राकृत करते हुये लाभान्वित करने के उद्देश्य से एक योजना संचालित किये जाने का निर्णय मंत्रिपरिषद ने किया है। इसमें प्रदेश के 30 विभागों में संचालित 85 योजनाओं को सम्मिलित किया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि मात्राकृत अंश से योजना ऐसे क्षेत्रों में लागू की जाएगी जहां अल्पसंख्यक आबादी कम से कम 25 प्रतिशत हो। इनमें हैंडपंपों की स्थापना, आगनबाड़ी केंद्रों की स्थापना, ग्रामीण सम्पर्क मार्ग व अन्य ग्रामीण अवस्थापनाओं का सृजन, सामाजिक पेंशन योजनायें, ग्रामीण एवं शहरी गरीबों के लिये आवास, कन्या विद्याधन, नि:शुल्क बोरिंग सहित अन्य योजनाएं शामिल होंगी। सार्वजनिक एवं समस्त जनसंख्या को आच्छादित करने वाली योजनाएं जैसे हाइ-वे, ओवर ब्रिज, नहरें, सड़कें, पावर जनरेशन, विश्वविद्यालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, नियमित टीकाकरण तथा जननी सुरक्षा योजनाओं को प्रस्तावित योजना से अलग रखा गया है। इस योजना में अल्पसंख्यकों के लिये किसी भी योजना के मापदंडों अथवा मानकों तथा पात्रता शर्तो में किसी प्रकार का परिवर्तन अथवा छूट की व्यवस्था नहीं की गयी है।
अल्पसंख्यकों के कल्याण की इस योजना के क्रियांवयन एवं अनुश्रवण के बारे में मुख्यमंत्री ने बताया कि शासन स्तर पर मुख्य सचिव तथा जिला स्तर पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समितियों का गठन किया जाएगा और दोनों समितियों में दो-दो अल्पसंख्यक सदस्य भी नामित किए जाएंगे। प्रस्तावित योजना में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए राज्य स्तर पर एक अतिरिक्त वेबसाइट हिन्दी एवं उर्दू भाषा में अपलोड की जाएगी।
---------------------
विधान मंडल सत्र 16 सितंबर से
राज्य विधान मंडल का मानसून सत्र 16 सितंबर को आहूत किए जाने का प्रस्ताव कैबिनेट ने स्वीकृत किया। इस दिन दोनों सदन आहूत किए जाएंगे। प्रदेश सरकार के समक्ष 23 सितंबर के पहले सत्र आहूत करने की संवैधानिक बाध्यता थी।
----------------------
संविदा कर्मचारियों का वेतन निर्धारित
कैबिनेट ने राजकीय विभागों में संविदा पर नियुक्त कर्मचारियों को संबंधित पद पर अनुमन्य वेतन बैंड एवं ग्रेड वेतन का न्यूनतम तथा उस पर समय-समय पर देय महंगाई भत्ते के समान राशि संविदा राशि निर्धारित करने का फैसला किया है। साथ ही, उक्त कार्मिकों को आकस्मिक अवकाश तथा महिला कर्मचारियों को प्रसूति अवकाश की सुविधा अनुमन्य कराने की व्यवस्था की है। इस निर्णय से लगभग 1000 कर्मचारी लाभान्वित होंगे। वेतन समिति (2008) की संस्तुतियों के आधार पर यह निर्णय किया गया है। कार्मिक विभाग द्वारा आउटसोर्सिग के माध्यम से सेवाएं प्राप्त करने के संदर्भ में सामान्य नीति निर्धारित करते हुए तदनुसार वेतन समिति की भुगतान संबंधी संस्तुति पर विचार किया जाएगा।
--------------------
ग्रेटर नोएडा में बनेगा नाइट सफारी
कैबिनेट ने ग्रेटर नोएडा में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप पर आधारित नाइट सफारी परियोजना का निर्माण किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। परियोजना पर संभावित समस्त व्यय भार ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी द्वारा स्वयं वहन किया जाएगा।ज्ञातव्य है कि प्रदेश को पर्यटन केंद्र के रूप में अंतरराष्ट्रीय मानचित्र में स्थापित करने, पर्यावरण को संरक्षित रखने एवं वन्य जीवों के प्रति जागरूकता पैदा करने के उद्देश्य से ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण द्वारा नाइट सफारी विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया था। यह परियोजना क्षेत्रीय विकास के साथ-साथ राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में पर्यटकों को आकर्षित करने तथा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी।
भारत में ऐसी यह पहली परियोजना इस क्षेत्र में विकसित की जाएगी। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य वन्य जीवों का संरक्षण तथा उनके प्रति जागरूकता पैदा करने के साथ-साथ मनोरंजन एवं वन्य जीवों का कल्याण भी है। नाइट सफारी परियोजना में सदाबहार पौधों का रोपण भी किया जाएगा। नाइट सफारी में पर्यटकों को रात्रि में जंगल में जीव-जंतुओं को देखने का अवसर मिलेगा। जंगल में इस प्रकार की प्रकाश व्यवस्था की जाएगी जो अंधरे में वन्य जीवों के लिए उपयुक्त होगी तथा पर्यटकों द्वारा वन्य जीवों को देखा जा सकेगा।
यह परियोजना 102.3 हेक्टेयर भूमि में डिजाइन की गई है तथा इसको विकसित करने की कुल संभावित लागत 678 करोड़ रुपए है। इस क्षेत्र को भविष्य में विकसित करने के लिए 14.9 हेक्टेयर भूमि तथा ग्रीन बफर के लिए 19.4 हेक्टेयर भूमि आरक्षित रखी गई है। यह परियोजना नाइट सफारी/ जू-पार्क, सिंगापुर तथा चीन में स्थापित नाइट सफारी के आधार पर विकसित की जाएगी तथा विश्व में इस प्रकार की चैथी परियोजना होगी। नाइट सफारी में 71 प्रजातियों के वन्य जीवों को संरक्षित किया जाएगा।
-----------------
चार शहरों में एयरपोर्ट के लिए नि:शुल्क भूमि
कैबिनेट ने इलाहाबाद, आगरा, कानपुर नगर एवं बरेली में नए सिविल एंक्लेव के निर्माण के लिए नि:शुल्क भूमि भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण, भारत सरकार को उपलब्ध कराने का फैसला किया है। आवश्यक भूमि के अर्जन अथवा क्रय पर होने वाले व्यय को इसी वित्तीय वर्ष में नागरिक उड्डयन विभाग को अनुपूरक माग के रूप में उपलब्ध कराया जाएगा। ज्ञातव्य है कि भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण द्वारा इलाहाबाद के बमरौली हवाई अड्डे के दक्षिण में लगभग 50 एकड़ भूमि चिन्हित करते हुए नए सिविल एंक्लेव की योजना बनाई गई है। इसी प्रकार आगरा में संस्था द्वारा 55.29 एकड़ भूमि, कानपुर (चकेरी) में 50 एकड़ एवं बरेली में 25 एकड़ भूमि की माग की गई है।
-----------------
अधिकतम आयु सीमा में पांच वर्ष की छूट
राज्य कर्मचारियों को अध्ययन के लिए प्रेरित करने, अनुभवी एवं योग्य कर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा उनके मनोबल में वृद्धि करने के उद्देश्य से कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश की लोक सेवाओं और पदों के लिए आयोजित किए जाने वाली चयन प्रक्रिया में राज्य कर्मचारियों को अधिकतम आयु सीमा में पांच वर्ष की छूट प्रदान करने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी है। अधिकतम आयु सीमा अब 40 से बढ़ाकर 45 वर्ष कर दी गयी है।
-----------------------
मोटरयान नियमावली में संशोधन
कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश मोटरयान (सोलहवा संशोधन) नियमावली, 2013 के आलेख को मंजूरी प्रदान कर दी है। स्मार्ट कार्ड पर ड्राइविंग लाइसेंस की द्वितीय प्रति जारी किए जाने हेतु फीस निर्धारित करने, बसों में स्लीपर लगाए जाने का प्राविधान किए जाने तथा मोटरयान कानून के उल्लंघन की दशा में वाहनों के निरुद्ध किए जाने हेतु परिबंधन (इम्पाउंडिंग) स्थल निर्धारित करने के लिए नियमावली में संशोधन के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई है।
स्मार्ट कार्ड पर ड्राइविंग लाइसेंस की द्वितीय प्रति जारी किए जाने के लिए निर्धारित फीस में वृद्धि करने के लिए उत्तर प्रदेश मोटरयान नियमावली के नियम 8,9,10 में संशोधन किया जाएगा। चूंकि स्मार्ट कार्ड पर ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने की फीस 200 रुपये ही निर्धारित है। इसलिए स्मार्ट कार्ड पर इसकी द्वितीय प्रति जारी करने के लिए भी 200 रुपये फीस निर्धारित करने का निर्णय किया गया है। बसों में स्लीपर लगाए जाने का प्रावधान करने के लिए नियमावली में नया नियम-136 क को जोड़े जाने के लिए भी संशोधन किया जाएगा। निरुद्ध किए जाने वाले वाहनों के लिए स्थान निर्धारित करने के लिए नियमावली के नियम-227 में संशोधन किया जाएगा।
--------------
वैट के तहत स्त्रोत पर चार 4 प्रतिशत की दर से कटौती
सरकारी /अर्द्धसरकारी विभागों/ निगमों आदि द्वारा की जा रही खरीद अथवा इन विभागों /निगमों द्वारा की जा रही आपूर्ति/ बिक्री के संबंध में उत्तर प्रदेश मूल्य संवर्धित कर अधिनियम 2008 की धारा-34 (1) के अंतर्गत स्रोत पर 4 प्रतिशत की दर से कटौती किए जाने की अधिसूचना जारी करने के प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी प्रदान कर दी है।
-------------------------
नि:शुल्क भूमि का हस्तांतरण
लखनऊ के पॉलीटेक्निक चैराहे के चौड़ीकरण हेतु राजकीय पॉलीटेक्निक की 5590 वर्गमीटर भूमि लोक निर्माण विभाग को नि:शुल्क हस्तांतरित करने का निर्णय कैबिनेट ने किया है। लखनऊ शहर में फैजाबाद रोड के चौड़ीकरण के लिए राजकीय पॉलीटेक्निक की बाउंड्रीवॉल को औसतन 10 मीटर विस्थापित करते हुए राजकीय पॉलीटेक्निक की कुल 5590.00 वर्गमीटर (1.381 एकड़) भूमि प्राविधिक शिक्षा विभाग से लोक निर्माण विभाग को नि:शुल्क हस्तांतरित करने का निर्णय लिया है।
--------------------
एशियन विकास बैंक से ऋण
प्रमुख जिला मार्गो के उच्चीकरण के लिए परियोजना का 70 प्रतिशत वित्त पोषण एशियन विकास बैंक से कराए जाने के प्रस्ताव को सैद्धान्तिक अनुमति कैबिनेट ने दी है। कुल संभावित लागत वाली 3092.60 करोड़ रुपये की परियोजना का 70 प्रतिशत अर्थात 2165 करोड़ रुपये की राशि, एशियन विकास बैंक से ऋण के रूप में प्राप्त करने के प्रस्ताव को सैद्धांतिक अनुमोदन प्रदान कर दिया है। ज्ञातव्य है कि प्रदेश के 1138 किमी लम्बाई के 27 प्रमुख जिला मार्गो के उ'चीकरण का क्रियान्वयन अक्टूबर, 2014 से प्रस्तावित है। वर्तमान में प्रमुख जिला मार्गो के तटबंध की चौड़ाई औसतन 8.75 मीटर है एवं सतह की चौड़ाई 3.75 मीटर है। उ'चीकरण के अंतर्गत मार्गो के तटबंध की चौड़ाई 12 मीटर तथा सतह की चैड़ाई सात मीटर की जाएगी।
---------------------
रेडियो टैक्सी किराये का निर्धारण
कैबिनेट ने रेडियो टैक्सी किराया निर्धारण के प्रस्ताव को अनुमोदित कर दिया है। इसके तहत कम सीट की गाड़ियों के लिए अपेक्षाकृत कम और अधिक सीट की गाड़ियों के लिए अपेक्षाकृत अधिक किराया निर्धारित किया गया है। साथ ही प्रतिवर्ष निर्धारित किराए में सामान्य वृद्धि के प्रस्ताव को भी अनुमोदित कर दिया गया है, जिससे बार-बार शासन स्तर से किराया निर्धारण की कार्यवाही न करनी पड़े। इसके साथ ही ऐसी टैक्सियों के लिए किराए के अतिरिक्त रात्रि प्रभार और प्रतीक्षा प्रभार भी लगाए जाने की अनुमति दी गई है।
------------------------
वायुयान यात्रा की सुविधा विस्तारित
उत्तर प्रदेश राज्य विधान मंडल (सदस्यों को वायुयान द्वारा यात्रा की सुविधा) नियमावली-1988 में संशोधन को मंजूरी प्रदान कर दी है। इसके तहत विद्यमान नियमों में संशोधन के अलावा अतिरिक्त बिंदु जोड़े गए हैं। अब विधायक, विधान परिषद सदस्य किसी भी घरेलू उड़ान के टिकट ले सकेंगे जिसकी बाद में प्रतिपूर्ति कर जाएगी।
----------------------------
आपसी समझौते के आधार पर क्रय की अनुमति
सड़क परियोजनाओं को समय से पूरा कराने के लिए ली जाने वाली भूमि भू-स्वामियों से निर्धारित प्रारूप पर आपसी समझौते के आधार पर क्रय की अनुमति प्रदान की है। इसके तहत संबंधित जिले के जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति उस भूमि की दर निर्धारित करेगी। यह समिति आपसी समझौते के आधार पर प्रचलित बाजार दरों तथा अन्य सुसंगत जानकारियों को ध्यान में रखते हुए भूमि क्रय के लिए दर निर्धारित कर अपनी संस्तुति अर्जन निकाय को प्रेषित करेगी और इसके बाद आगे की आवश्यक कार्यवाही अर्जन निकाय के सक्षम स्तर पर की जाएगी। पूर्व की भाति प्रतिकर के अतिरिक्त पुनर्वास
एवं पुनस्र्थापना की नीति-2010 (यथा संशोधित) के तहत अनुमन्य सभी लाभ उपलब्ध कराए जाएंगे।
********************************************************************************
AAP SE ANURODH KRTA HU AAP APNE VICHAAR PRAKAT KRNE KAA KASHT KRE .....
NICHE COMMENT ME BTAYE KYA AAP BHI IS RESERVATION K SATH HAI ???????????
********************************************************************************
AAP SE ANURODH KRTA HU AAP APNE VICHAAR PRAKAT KRNE KAA KASHT KRE .....
NICHE COMMENT ME BTAYE KYA AAP BHI IS RESERVATION K SATH HAI ???????????

